Home » ए.एम.यू » इलाहाबाद हाई कोर्ट से ए.एम.यू. के कुलपति और रजिस्ट्रार को कड़ी फटकार, देनी होगी सफाई !

इलाहाबाद हाई कोर्ट से ए.एम.यू. के कुलपति और रजिस्ट्रार को कड़ी फटकार, देनी होगी सफाई !

अलीगढ़ : एक ऐतिहासिक आदेश सुनाते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्विद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार को कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है और इस बार के आदेश का पालन न किये जाने की सूरत में समन भेजकर उच्च न्यायालय में हाज़िर रहने की बात कही है।

दरअसल मामला ये है कि माननीय इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ए.एम.यू. से निलंबित किये गए छात्र जुनेद अहमद की कोर्ट से राहत मिलने के बाद भी शिक्षा सत्र 2016-17 में कॉन्टीनुअशन ना देने पर कड़ी फटकार लगाई थी।

विदित रहे कि इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 28 नवंबर 2016 को जुनेद अहमद को राहत देते हुए बी.एस.डब्ल्यू. कोर्स में अपनी पढ़ाई पूरी करने की इजाज़त दी थी, इसके बावजूद ए.एम.यू. प्रशासन ने अपनी दमनकारी नीतियों के तहत जुनेद को मौजूदा शिक्षा सत्र में continuation नहीं दिया…यूनिवर्सिटी की इस कृत्य के विरुद्ध इलाहाबाद हाई कोर्ट में जुनेद के वकील अराफ़ खान ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ कंटेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट यानि माननीय उच्च न्यायालय के फैसले की अवहेलना करने की अर्ज़ी दी जिस पर हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2016 को जारी अपने आदेश में ए.एम.यू. इंतज़ामिया को एक महीने के भीतर अपने ही फैसले का compliance करने यानि जुनेद को यूनिवर्सिटी में बी.एस.डब्ल्यू. में शिक्षा सत्र 2016-17 में पढ़ाई जारी रखने के आदेश को अमल में लाने, रहने के लिए हॉस्टल देने और भविष्य में यूनिवर्सिटी में किसी भी कोर्स में पढ़ाई के लिए थोपी गयी पाबंदी को निरष्त करते हुए फाइन वापस करने के लिए कहा था।

सके बावजूद ए.एम.यू. प्रशासन के कानों पर जूँ नहीं रेंगा और इन्होंने जुनेद को continuation देने से मना कर दिया था, जिस पर जुनेद की तरफ से पक्ष रख रहे इलाहाबाद हाई कोर्ट के युवा और तेज़तर्रार अधिवक्ता अराफ़ खान ने एक ताज़ा अर्ज़ी डाली थी जिस पर 23 मार्च 2017 को फैसला सुनाते हुए हाई कोर्ट ने विपक्षी पार्टी यानि यूनिवर्सिटी को एक महीने के भीतर जुनेद को बी.एस.डब्ल्यू. में continuation देने का आदेश इस शर्त पर सुनाया है कि यूनिवर्सिटी इस दौरान हाई कोर्ट में एक हलफनामा दे कि हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने के कारण इनके उच्चाधिकारियों पर क्यों न कार्यवाही की जाए?

साथ ही हाई कोर्ट ने ए.एम.यू कुलपति ले. जनरल. (रिटायर्ड) ज़मीरुद्दीन शाह और रजिस्ट्रार जावेद अख़्तर को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि हाई कोर्ट के आदेशों की दोबारा अवहेलना होने की सूरत में इन दोनों उच्चाधिकारियों पर आरोप निर्धारित कर इलाहाबाद हाई कोर्ट में तय तारीख़ पर मौजूद रहकर सफ़ाई देनी होगी और उचित कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

292 total views, 1 views today

अपनी राय दें

comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

x

Check Also

संभल में मूर्तियां लूटने वाले सात बदमाश अलीगढ़ में दबोचे

: संभल में अलीगढ़ के व्यापारियों की मूर्तियां लूटने वाले बदमाश बुधवार को अलीगढ़ में मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिए गए।

अलीगढ़ में आह्वान, कोई जगह न रहे खाली, हर तरफ हो हरियाली

पर्यावरण ऐसा मुद्दा है, जिससे हर किसी का सरोकार है। पेड़-पौधे नहीं रहेंगे तो हम भी सुरक्षित नहीं होंगे।

सात होटलों में जांच के दौरान नहीं मिले अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम

अगर आप शहर के किसी होटल में ठहरने की योजना बना रहे हैं, तो सुरक्षा के इंतजामों की जानकारी कर लें।